Realising Meditation

August 29th, 2010 by Jashodhara Purkayastha

Realization
Every time I read newspaper
As I’m a good reader
From first page to last
I go through very fast.

Many information, many articles
Many a time read miracles
Many a time terrorist attack
Then many times the road stuck.

My favourite is the speaking tree
Bring about the thought as free
Every day it gives some mind food
May be the purpose to feel good.

Time to time, I hear Meditation
Tells to focus steadily on respiration
Unreal thought activates the mind
The hard reality goads self to find

Buddha advised, be aware of situation,
In all ways processes of life’s action
Sensible and alert in every moment
To recognize the God‘s Movement.

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Raksha-Bandan

August 23rd, 2010 by Jashodhara Purkayastha

Rakhi

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भारत

August 15th, 2010 by Jashodhara Purkayastha

 

 

 

 

 

 

 

 

 

भारत देश महान है
प्यारा हिंदुस्तान है
हम उसके संतान है
अलग होकर भी एक है |

मिटटी इसका सोना है
नदी का जल तो रूपा है
दोनों के ही मिलने से
अमृत का फल मिलता है |

भिन्न भिन्न जाती है
रहन – सहन अलग है
अलग अलग भाषा है
फिर भी हम एक है |

कोई बंगाली , कोई मद्रासी
कोई मराठी , कोई गुजरती
कोई कश्मीरी , कोई पंजाबी
बोलते छब्बीस सुन्दर बोली |

भाषा अलग , बेश अलग
अलग उत्सव मनाते है
लेकिन सबके स्वर में एकही भाषा
हम बोलते प्यार की भाषा |

सतंत्रता के चौसठ साल
हम बिताये बेमिसाल
हर साल में कुछ पाया
तो कुछ साल में कुछ खोया |

आज हम गर्व करते
कहते भारत महान
कहा गये वे सुपुत संतान
जिनके लिए भारत ने पाया खुब सम्मान |

आओ आज पंद्रह अगस्त पर
सिर झुकाकर नमन करे
याद करे वे हजारों दिलोको
जिसने बलिदान किया स्वयं को |                                                                                       

 

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